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Cruelities On God Kabir

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शेखतकी ने कबीर साहेब को मारने के लिए 52 बार षडयंत्र रचा जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं का हम यहाँ वर्णन कर रहे हैं। सिकंदर लोदी ने मुसलमान पीर शेखतकी के कहने पर कबीर साहेब के सामने गाय को मार दिया और कहने लगा कि अगर आप भगवान हो तो इस गाय को जीवित करो। तभी परमेश्वर खडे हुए और मृत गाय को जीवित कर दिया और वहाँ उपस्थित सभी लोगों को वास्तविक तत्त्व ज्ञान समझाया। इसके बाद शेखतकी ने यह शर्त रखी कि अगर कबीर भगवान हैं तो इसको गर्म तेल में डालेंगे। अगर भगवान होगा तो कुछ नहीं होगा। कबीर साहेब को उबलते हुए गर्म तेल में डाला गया लेकिन कबीर परमेश्वर को कुछ नहीं हुआ। शेखतकी ने कबीर परमेश्वर को तलवार से मारने की कोशिश की लेकिन तलवार परमात्मा के शरीर से आर पार निकल गयी फिर भी उस नींच को यह समझ नहीं आया कि यह कौंन है। शेखतकी ने कबीर परमेश्वर को मारने के लिए सिपाही भेजे और उनसे कहा कि कबीर साहेब के शरीर में बडी बडी कील ठोक दो लेकिन जैसे ही सिपाही कील ठोकने के लिए गये तो उनके हाथ पैरों ने काम करना बंद कर दिया। मुसलमान पीर शेखतकी के कहने पर दिल्ली के बादशाह ...

भारत देश का पुनरुत्थान हो रहा है।

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वर्तमान में सारा देश महामारी के कारण चिंतित है। सभी लोगों में भय का माहौल है। चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग घरों में कैद है। वहीं दूसरी ओर इस भयानक माहौल में एक महान संत की विचारधारा से भारत देश का पुनरुत्थान हो रहा है। चोरी ,डकैती, ठगी,रिश्वतखोरी,नशा दहेज प्रथा आदि बुराईयाँ दूर हो रही हैं। कलयुग में सतयुग जैसा माहौल उत्पन्न हो रहा है।   प्रसिद्ध भविष्यवक्ताओं के अनुसार वह महान संत रामपाल जी महाराज हैं। जिनके सानिध्य में भारत फिर से विश्वगुरु बनेगा। संत रामपाल जी महाराज एकमात्र ऐसे संत हैं जो वास्तविक भक्ति विधि बताते हैं जिससे अनुयायियों के सभी प्रकार के कष्ट दूर हो रहे हैं। वर्तमान में चल रही महामारी को भी वे समाप्त कर सकते हैं। 

जिस बीमारी का इलाज विज्ञान नहीं कर सका उसका इलाज सतभक्ति से हो रहा है।

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वर्तमान समय में सारा संसार एक भयानक बीमारी से ग्रसित है। जिसके सामने विज्ञान असहाय नजर आ रहा है। सारे संसार में हाहाकार मचा हुआ है। सब सोच रहे हैं क्या करें? कैसे इस बीमारी का समाधान निकालें? आज हम इसी पर चर्चा करेंगे कि इस बीमारी का वास्तविक समाधान क्या हो सकता है? दोस्तो जो कुछ भी हमें मिलता है वह हमारे कर्मों  के द्वारा ही निर्धारित होता है। जैसा हम कर्म करते हैं उसका फल वैसा ही प्राप्त होता है। हमारे पिछले जन्म के बुरे कर्मों के कारण हमें कोई बीमारी होती है या कोई दुख होता है और अच्छे कर्मों के कारण हमें उच्च पद प्राप्ति, शरीर में सुख और समाज में प्रतिष्ठा आदि प्राप्त होते हैं जिसे हम भाग्य कहते हैं।  भाग्य को इस ब्रह्मांड में पूर्ण परमात्मा के अलावा कोई भी नहीं बदल सकता। वह परमात्मा हमारे प्रारब्ध कर्म को काटकर हमें सुख प्रदान कर सकता है जिसकी भक्ति वर्तमान में केवल संत रामपाल जी महाराज बता रहे हैं जिससे सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज एवं सभी दुखों का निवारण संभव है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें   www.jagatgururampalji...

विज्ञान और भगवान

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आज का युग  science   का युग है क्योंकि दैंनिक जीवन के छोटे-छोटे कार्यों से लेकर बडे कार्यों तक science का महत्वपूर्ण योगदान है।  लेकिन science भगवान की ही देन है भगवान से अलग नहीं है  जहाँ पर science समाप्त हो जाती है वहाँ से परमात्मा का आध्यात्मिक ज्ञान शुरू होता है।    Science सभी बीमारियों का इलाज करने का दावा करती है लेकिन फिर भी बीमारी के कारण बहुत लोग मृत्यु को प्राप्त हो रहे हैंं। science और god में फर्क यही है कि विज्ञान की एक सीमा है लेकिन god की सीमा नहीं God can do everything.  Nothing is impossible for god. अगर इंसान science बना सकता है तो ये science अभी क्यों बनी पुराने समय में भी तो लोग रहते थे वो इतना आविष्कार क्यों नहीं कर पाए? क्या उनके पास दिमाग नहीं था? सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग में लोग विज्ञान नहीं बना पाए औंर कलयुग में विज्ञान ने नये नये आविष्कार किये। क्या science god का स्थान ले सकती है। इस बारे में आप अपने विचार हमें कमैंट करके अवश्य बताएं।