विज्ञान और भगवान

आज का युग science  का युग है क्योंकि दैंनिक जीवन के छोटे-छोटे कार्यों से लेकर बडे कार्यों तक science का महत्वपूर्ण योगदान है। 


लेकिन science भगवान की ही देन है भगवान से अलग नहीं है  जहाँ पर science समाप्त हो जाती है वहाँ से परमात्मा का आध्यात्मिक ज्ञान शुरू होता है।

  Science सभी बीमारियों का इलाज करने का दावा करती है लेकिन फिर भी बीमारी के कारण बहुत लोग मृत्यु को प्राप्त हो रहे हैंं। science और god में फर्क यही है कि विज्ञान की एक सीमा है लेकिन god की सीमा नहीं God can do everything. Nothing is impossible for god.


अगर इंसान science बना सकता है तो ये science अभी क्यों बनी पुराने समय में भी तो लोग रहते थे वो इतना आविष्कार क्यों नहीं कर पाए? क्या उनके पास दिमाग नहीं था? सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग में लोग विज्ञान नहीं बना पाए औंर कलयुग में विज्ञान ने नये नये आविष्कार किये।
क्या science god का स्थान ले सकती है। इस बारे में आप अपने विचार हमें कमैंट करके अवश्य बताएं।





Comments

  1. Jo kaam bhagawan kar sakta hai , vah science nhi kar sakta.

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  2. जी बिल्कुल सही कहा आपने

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  3. This comment has been removed by the author.

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  4. परमात्मा के लिए कुछ भी असम्भव नही है ,परमात्मा जो चावे सो कर सकता है। science तो परमात्मा की एक छोटी सी सी देन है।🙏

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इसी तरह के आध्यात्मिक और भौतिक जगत से जुडे तथ्यों को जानने के लिए हमसे जुडे रहे

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